बंकिमचंद्र चटर्जी की जीवनी एक ऐसे महान लेखक की संक्षिप्त जीवन गाथा है जिन्होंने हमारा प्रिय राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ लिखा था। यद्यपि वे एक बंगाली लेखक, कवि एवं पत्रकार थे फिर भी उन्हें संस्कृत से विशेष प्रेम था। उन्होंने अपना प्रथम उपन्यास अंग्रेजी में लिखा था। उनके उपन्यासों, निबंधों और समालोचनाओं सहित उनके कुछ लेख परंपरागत छंद-स्वरूप भारतीय कृतियों से पृथक थे तथा उन्होंने भारतवर्ष के लेखकों को प्रेरित करने का अपूर्व कार्य किया। यद्यपि उन्होंने ब्रिटिश काल की भारत सरकार में उपजिलाधिकारी एवं उप-दंडाधिकारी के रूप में कार्य किया, फिर भी उन्हें बंगाल के साहित्यिक पुर्नजागरण के साथ-साथ वृहद भारतीय उपमहाद्वीप का एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व माना जाता है। पुस्तक में उनके जीवन का अत्यंत प्रेरक विवरण है कि कैसे भारत में ब्रिटिश सरकार का एक उच्च अधिकारी एक प्रख्यात लेखक एवं पत्रकार बना और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के कार्यकर्ताओं को अपनी रचनाओं से इस सीमा तक प्रेरित किया कि उनका गीत ‘वंदे मातरम्’ भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में अंगीकार कर लिया गया।